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 तलाक का सपना  Divorce Dream

तलाक का सपना Divorce Dream

Hello Friends !
तलाक "DIVORCE" एक ऐसा दुर्भाग्यपूर्ण सामाजिक रोग है जो व्यक्ति को ही नहीं, परिवार , समाज व संसार को खोखला कर रहा है। 

तलाक का सपना  Divorce Dream (www.aasaanrasta.blogspot.com)

 तलाक का सपना 

Divorce Dream

एक दिन मैं रात को देर से सोई ,
क्षण दो क्षण को स्वप्न `में खोई।

देखा मैंने उस स्वप्न दृश्य में ,
जो न हुआ यथार्थ में , वो हुआ स्वप्न में।

मेरी प्रिय मित्र और उनके श्री मान में ,
आपस में था प्यार ही प्यार।

जो लुटाते थे हर क्षण एक दूसरे पर ,
स्नेह - प्रेम की मनोहर बौछार।

आज तुच्छ  घरेलू मुद्दों पर ,
एक दूसरे को रहे थे धुतकार,
अपने - अपने अहंकार को दे रहे थे दुलार।

इस अहंकार ने दोनों के मध्य ,
खड़ी कर दी चीन की सी महान दीवार।

जब पहले हार मानने का दोनों ने त्याग दिया विचार ,
तब आधुनिक पंडित जी बोले तपाक से ,
इस झंझट से छुटकारा मिल सकता है तलाक से। 

जिसे अंग्रेजी में कहते हैं DIVORCE ( डाईवोर्स), 
कर देता हैं अलग दो दिलों को लगा कर फोर्स।

यह स्वप्न देख मैं नींद से जब जागी  ,
बिना विलम्ब मैं मित्र के पास भागी।

उसे जगाकर सारा स्वप्न कह सुनाया,
तभी मित्र ने अपने श्रीमान को बुलाया ,
दोनों ने मुझे इस प्रकार बताया। 

आज - कल के दम्पति दीवार ही बना लेते हैं , 
छोटे- छोटे मत - भेदों को जी का जंजाल बना लेते हैं। 

इस तरह दम्पति सरलता से तलाक को समाधान बना लेते हैं ,
आहिस्ता - आहिस्ता इस जख्म को घाव बना लेते हैं। 

जो दम्पति आपसी प्रेम, विश्वास एवं सहयोग से जीये जाते हैं ,
वे इस तलाक नामक दुःखदायी घाव से बच जाते हैं। 

जीवन होता हैं उनका इंद्रधनुष सा सतरंगी ,
जो बिखेर देता है हर तरफ खुशियाँ अनेक  बहुरंगी। 

अगर होता है प्यार आपस  में कभी कम ,
तो नष्ट हो जाता है हर एक खुशियों का चमन। 

अगर समाज का प्रत्येक दम्पति प्रेम से रहे ,
तो संसार में तलाकशुदाओं की भीड़ दिखाई न दे।    

अवश्य पढ़े -

 प्रकृति की ऐसी अनोखी सीख हरपल मिलेगी जीत

 उपवन लुटा माली टूटा बिखर गया संसार कैसा ये अत्याचार

 इंसान की सबसे बड़ी पहिचान

 अभिशाप नहीं बेटियाँ वरदान हैं बेटियाँ

सन्देश - "तलाक का सपना" कविता का उद्देश्य लोगों को Divorce जैसे सामाजिक रोग से बचाना है और अहंकारपूर्ण भावना को समाप्त कराना है। अक्सर युगल छोटी - छोटी बातों को लेकर आपसी मनमुटाव कर लेते है, जिसका समाधान सिर्फ तलाक को ही मानते हैं किन्तु उनका यह फैसला केवल उनके जीवन को ही नहीं बल्कि परिवार के प्रत्येक सदस्य को प्रभावित करता है उस फैसले का सबसे ज्यादा प्रभाव मासूम बच्चों व उनके जीवन पड़ता है। यह बच्चों के उज्जवल भविष्य को भी उजाड़ देता हैं इसलिए दम्पति को आपसी प्रेम व सहयोग से रहना चाहिए एवं अपने विचारों में परिवर्तन लाना चाहिए।  

जो बात साथ में है 
वो बात विश्वासघात में नहीं 

कृपया ये सन्देश सभी तक पहुँचने में सहयोग करें। 

Message - The purpose of the poem "Dream of Divorce" is to save people from social diseases such as Divorce and to eliminate egoistic sentiment. Often couples tend to mutual disputes about small things, whose solution only considers divorce, but their decision not only affects their lives, but also affects every member of the family. Their life makes them this also destroys the bright future of the children, so the couple should live in mutual love and cooperation and change their ideas. 

Whatever the matter is,

That thing is not in betrayal


Please help reach out to all of these messages.

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अभिशाप नहीं बेटियाँ  वरदान हैं बेटियाँ   Do Not Curse The Daughters The Daughters Are Boon

अभिशाप नहीं बेटियाँ वरदान हैं बेटियाँ Do Not Curse The Daughters The Daughters Are Boon

अभिशाप नहीं बेटियाँ  वरदान हैं बेटियाँ   Do Not Curse The Daughters The Daughters Are Boon


कविता  

 अभिशाप नहीं बेटियाँ  वरदान हैं बेटियाँ



अभिशाप नहीं बेटियाँ  वरदान हैं बेटियाँ
आज ही नहीं कल की भी शान हैं बेटियाँ। 

हर आँगन की मुस्कान हैं बेटियाँ 
घर का  ही नहीं संसार का सम्मान हैं बेटियाँ।

 माँ के जिगर का टुकडा हैं बेटियाँ
पापा की आन मान शान हैं बेटियाँ। 

परिवार को चलाए वो लाजवाब हैं बेटियाँ 
सबकी खुशी में मुस्कुराए नेक इंसान हैं बेटियाँ। 

बड़ो को सम्मान पहुंचाए वो एहसास हैं बेटियाँ 
छोटो को प्यार से भाए वो चमत्कार हैं बेटियाँ। 

गम के साथ मुस्कुराए ऐसी मुस्कान  हैं बेटियाँ 
सबको गले से लगाए ऐसी समझदार  हैं बेटियाँ।  

एक कुल की नहीं दो कुल की पहिचान हैं बेटियाँ 
देश की ही नहीं सम्पूर्ण संसार की जान हैं बेटियाँ।

ऐरोप्लेन को भी चलाए ऐसी महान हैं बेटियाँ 
अंतरिक्ष में घूम कर आए ऐसी शक्तिमान हैं बेटियाँ। 

अखाड़े में जीत के आए वो बलवान है बेटियाँ 
देश की सत्ता को चलाए वो अभिमान हैं बेटियाँ। 

हर रूप में ढल जाएं ऐसा वरदान हैं बेटियाँ 
दिल ही नहीं जान भी लुटाए वो बलिदान हैं बेटियाँ। 

अभिशाप नहीं बेटियाँ वरदान हैं बेटियाँ
 आज की ही नहीं कल की भी शान हैं बेटियाँ। 


सन्देश - इस कविता का उद्देश्य बेटियों को बचाना ,आगे बढ़ाना और बेटियों का उत्साह वर्धन करना है। आज बेटियाँ हर क्षेत्र में बड़ चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं और हमारे देश का नाम रोशन कर रही हैं किन्तु कुछ लोग आज भी बेटियों को अभिशाप समझते हैं, उन्हें आगे बढ़ने से रोकते हैं, उन लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी चाहिए कि बेटियाँ अभिशाप नहीं ईश्वर का अनमोल वरदान हैं। और बेटियों के उत्कृष्ट गुणों एवं महान विचारों व कार्यों का सम्मान करना चाहिए। 

Today, daughters are taking part in every field and are celebrating the name of our country, but some people still consider daughters as a curse, they stop them from proceeding, those people should change their mindset that daughters are not curse The precious gift of God And respect the excellent qualities and great ideas and works of daughters.
We should teach daughters. Should move forward and excite the excitement



कविता पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें Click here to read the Poem 
उपवन लुटा माली टूटा बिखर गया संसार कैसा ये अत्याचार
इंसान की सबसे बड़ी पहिचान




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इंसान की सबसे बड़ी पहिचान

इंसान की सबसे बड़ी पहिचान

कविता - इंसान की सबसे बड़ी पहिचान मदर टेरेसा

           कविता - इंसान की सबसे बड़ी पहिचान

कविता

इंसान की सबसे बड़ी पहिचान


सभी के काम जो आए , उसे इंसान कहते है ,
सभी का दर्द अपनाए , उसे इंसान कहते है।

कहीं धनवान है कितने , कहीं इंसान निर्धन है ,
कहीं सुख है , कहीं दुःख है , इसी का नाम जीवन है।

धन वो मुसाफिर है , कभी आए , कभी जाए ,
जो धन पर न इतराए  , उसे इंसान कहते है

 सुख - दुःख वो समुन्दर है , जो कभी न रुक पाए
जो दुःख में न घबराए , उसे इंसान कहते है।

ये संसार एक उलझन है , कहीं धोखा , कहीं ठोकर है ,
जो गिर - गिर कर , संभल जाए , उसे इंसान कहते है।

अकेले खाकर तो स्वार्थी ही , जीया करते हैं ,
सभी को बाँट कर खाए , उसे इंसान कहते है।

पेट भरने को तो दुनियाँ में , पशु भी पेट भरते हैं ,
जो भूखा रहकर खिलाए , उसे इंसान कहते है।

कुछ लोग गरीबों के दुःखों में मुस्कुराते हैं ,
दुःख , सुख में बदल जाए , उसे इंसान कहते है।

अपनी खुशी में , जहाँ सदैव मुस्कुराता हैं ,
सभी की ख़ुशी में मुस्कुराए , उसे इंसान कहते है।

जो गलती रुलाती है , वो राहें भी दिखती है ,
गलती करके , संभल जाए , उसे इंसान कहते है।

अधर्म के साथ में चलना , लोग सीख जाते हैं  ,
धर्म के काम कर जाए , उसे इंसान कहते है।

सिखाने को जमाना हर दिन सिखाता है ,
जो इंसानियत सीखा जाए , उसे इंसान कहते है।

शिकायत करते लोगों से कभी नहीं थकते ,
शिकायत खुद से कर जाए , उसे इंसान कहते है।

गुनाह करके , बुरा तो लोग करते हैं ,
गुनाह कबूल जो कर ले , उसे इंसान कहते है।

सभी का साथ देना , हमेशा भूल जाते हैं ,
हाथ में हाथ मिल जाए , उसे इंसान कहते है।

देश के नाम पर धोखे , हजारों रोज होते हैं ,
देश के काम जो आए , उसे इंसान कहते है।

ज़माने के सताए लोग , सदा ठुकराए जाते हैं ,
ठुकराए को अपनाए , उसे इंसान कहते है।

सभी के काम जो आए , उसे इंसान कहते है ,
सभी का दर्द अपनाए , उसे इंसान कहते है।



सन्देश - इस कविता में इंसानियत क्या है ? किसमें है ? यह बताया है। इंसान वही है जो इंसान के काम आए। हर इंसान को दूसरों के प्रति सेवा , प्रेम व दया की भावना रखनी चाहिए। यह इंसानियत का सबसे पहला धर्म है। जो लोग भूखों को खिलाते हैं , बेघर को शरण देते हैं , बेबस व अपाहिज लोगों की सहायता करते हैं वे इंसानियत की मिसाल होते हैं।
जैसे - मदर टेरेसा ने तन , मन , धन से अपना सम्पूर्ण जीवन गरीबों और बेसहारों की सेवा में लगा दिया।


आप सभी से अनुरोध है जितना हो सके लोगों की मदद व सहायता करें और इस कविता के द्वारा हमारे इस संदेश को सभी लोगों तक पहुचाएं।


Message - Humor is in this verse? What's in it It's told. Human being is the person who comes to work. Every person should have a sense of service, love and compassion towards others. This is the first religion of humanity. Those who feed hunger, harbor homeless, help helpless and helpless people, they are examples of humanity.
For example, Mother Teresa spent her whole life with in the service of the poor and helpless people.


All of you are requested to help the people as much as possible, and forward this message to all the people through this poem.


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उपवन लुटा माली टूटा बिखर गया संसार कैसा ये अत्याचार

उपवन लुटा माली टूटा बिखर गया संसार कैसा ये अत्याचार


उपवन लुटा माली टूटा बिखर गया संसार कैसा ये अत्याचार

कविता उपवन लुटा माली टूटा बिखर गया संसार कैसा ये अत्याचार

 कविता 

उपवन लुटा माली टूटा बिखर गया संसार 

कैसा ये अत्याचार

बंजर धरती पर माली ने आशा के कुछ पेड़ लगाए।
बीजों को डाला भूमि पर , बड़ी मेहनत से सींचे जा

प्रतिदिन सेवा करता उनकी , एक छोटी -सी आस लगाए
एक दिन लहराते पौंधों में , नन्ने - नन्ने फूल खिला

मेहनत उसकी सफल हो गयी , उपवन में हैं फूल खिला
भँवरे आकर झूमा करते , गुन-गुन गुन-गुन गीत सुनाए

माली खुश होकर मन ही मन , मंद मंद मुस्काता जा
उपवन में रहूँगा सेवा करूँगा , बार बार यह कहता जा

पुष्पों को लहलाता देखकर , अपनी हर पीड़ा भूल गया।
एक दिन देखा एक अजब नजारा , माली का दिल टूट गया।

सब ने घर रखने को सुन्दर , माली का उपवन लूट लिया।
पुष्प हो गए उसके बेघर , ये मानव ने क्या किया ?

खिलते फूलों को देखकर , मानव मानवता को भूल गया।
मेरा लहराता मुस्कुराता आँगन , पलभर में ही उजड़ गया।

कुछपल संग रहकर , पलकों पर सजकर , खुशियों का दामन छूट गया।
नित् जगत लूटकर , धीमे से आकर , हारे योद्धा सा टूट गया।

हारा सा रहकर , दुःखों में बहकर , अनजानी हलचल छोड़ गया।
तट से टकराकर , खुद ही घबराकर , नैनों का धीरज तोड़ गया।

हे मानव ! रक्षा करो उपवन की , करुणा में वह खो गया।
पुष्पों का भी जीवन है अपना , यह कहकर धरती पर सो गया।




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प्रकृति की ऐसी अनोखी सीख हरपल मिलेगी जीत

प्रकृति की ऐसी अनोखी सीख हरपल मिलेगी जीत

कविता 
प्रकृति की ऐसी अनोखी सीख हरपल मिलेगी जीत

सूरज की किरणों से सीखो , नहीं होना बेईमान ,
अपने कर्म पथ पर तुम , बनना अच्छा इन्सान। 

नन्हीं सी चिड़िया सीखा रही , सुबह -सवेरे जगना ,
जीवन में ख़ुशी से हर पल , जीना और चहकना।

बहती पवन सीखा रही , नित नए -नए चिन्तन करना , 
बाधाओं को हराके पीछे, आगे बढ़ते रहना। 

खड़ा हिमालय उत्तर में कहता , खुद तूफानों को सहना ,
अडिंग हमेशा रहना , कष्ट हमेशा सहना।

बहती नदियाँ सिखा रहीं , हर कष्ट में आगे बढ़ना ,
कदम बढ़ाकर आगे बढ़ना , कभी न किसी से डरना। 

तपन को सहकर ठण्डक देना , औरों को सुख देना ,
पेड़ प्रकृति सीखा रही , हरपल ऐसा करना। 

झरने हमें सिखाते प्यारे ! गिरकर फिर से संभलना ,
हरदम आगे बढ़ना , बाधाओं से लड़ना। 

फूल हमें सिखाते हरदम  , प्यार भरी मुस्कान ,
महकते दिल से अपने , खुश करना हर इन्सान। 

कुछ कर न सको औरों के लिए तो , बस देना इक मुस्कान ,
तेरे बाद भी हर कोई कहेगा , बहुत अच्छा है इन्सान। 

बस इतनी - सी चाह है , कहें  अच्छा है इन्सान ,
यही आसान रास्ता है , बने सभी महान। 


सन्देश - प्रकृति हर इंसान को सिखाने का सबसे अच्छा उदाहरण है। प्रकृति से सबकुछ सीखा जा सकता है, इसलिए स्वयं को प्रकृति के करीब ले जायें।

The nature is the best example to teach every human being. Everything can be learnt from the nature so bring yourself close to the nature.



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